घर का जिम्मेदार बड़ा बेटा हुं मैं
अपने घर का जवान बेटा हूं, और मोहब्बत में टूट चुका हु। कांधे पे जिम्मेदारियों का बोझ है, और अंदर से हार चुका हूं, सच कहूं तो मर जाना चाहता हूं, हर जगह से बिखर चुका हु मैं, मां बाप का बहुत उम्मीद है मुझमें, घर का जिम्मेदार बड़ा बेटा हुं मैं, कैसे बताऊं कितनी अजीयत में हु, अंदर से घुट घुट कर मर रहा हु मै, मेरे आंखों में अंशुओ के सिवा कुछ भी नही है, सच कहूं तो बर्बाद हु मैं, मां बाप का सपना पूरा करके दुनिया को अलविदा कहना चाहता हूं मैं।।। वसीम