पर कोई होता जो गलतियों पर डाटने वाला

 सब कुछ है, मां सब कुछ जिस आज़ादी के लिए तुझसे मैं सारी उम्र लड़ता रहा........

वो सारी आज़ादी मेरे पास है, फिर भी न जाने क्यों दिल की हर धड़कन उदास ☹☹🥲 है,
कहता था न तुझे , मैं वही करूंगा जो मेरे जी में आएगा, और आज मैं वही सब कुछ करता हूं, जो मेरे जी में आता है, बात ये नहीं है मुझे कोई रोकने वाला नहीं है, बात है तो इतनी सी सुबह देर से ऊठू न, तो कोई टोकने वाला नहीं है ।
सुबह देर से ऊठू न, कोई टोकने वाला नहीं है।

रात को लेट लौटू तो कौन टोकेगा भला, दोस्तो के साथ घूमने पर उल्ल्हन्ने कौन देगा ,
मेरे वो तमाम झूठे बहाने कौन देगा , कौन कहेगा की इस उमर में क्यों परेशान करता है, हाय ये लड़का क्यों नहीं सुधरता है, पैसे कहा खर्च हो जाते है तेरे, क्यों नहीं बताता है सारा सारा दिन मुझे सताता है, रात को देर से आता है खाना गर्म करने को जागती रहूं, खिलाने को तेरे पीछे भागती रहूं , बहाती रहूं आंसु तेरे लिए। कभी कुछ सोचा है , मेरे लिए ...................खैर मेरा तो क्या होना है क्या हुआ है, तू खुश रह लेना यही दुआ है, और आज तमाम खुशियां ही खुशियां गम ये नहीं है , कोई ये सब खुशियां बताने वाला होता पर कोई होता जो गलतियों पर डाटने वाला होता पर कोई होता।।।

@वसीम अकरम


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