माँ का प्यार ❤️
पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.
• आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.
खामोशी मेरी जुबान को सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अबहिलाषाओ को रंगों से तुमने भर दिया,
अपना निवाला छोड़कर मेरी खानतर तुमने भंडार भरे,
मैं भले ननाकामयाब रहा फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.
• वह रात छिप कर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, शसकिय मैंने भी सुनी थी.
ना समझ था मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, मेरी भूख प्याश का पता था.
पहले जब मैं बेतहाशा धूल मे खेला करता था।,
तेरी चुरी तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.
• लगता था तू आएगी बहुत डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
मााँ आज भी मुझे किसी दिन धूल-धूल सा लगता है.
चुरियाँ के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है, तू आजाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.
• जाना चाहता हूं उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करता था,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.
जब तेरे बिना लोरियाँ कहाननयों यह पलके सोया नहीं करता था,
माथे पर बिना तेरे स्पष्ट के ये आंखें जगा नहीं करती थी.
• अब और नहीं घिसने देना चाहता तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहता हूं, पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.
खुश होगी मााँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरे बेटे कहेंगे......❤️
द्वारा:- रिचा, वसीम
Really mesmerizing 😌
ReplyDeleteAwesome #thisIsReally#amazing(marvalous😍
ReplyDeleteAwsom
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