पिता जी
लड़के पिता को गले नहीं लगाते हैं,
लड़के ना पिता के गाल चूमते ना पिता के गोद में सर रख कर सकूँन से सोते है,
पिता और पुत्र का संबंध मर्यादा होते है,
बाहर जाने वाले लड़का अकसर घर फोन करता है, तो उनकी बात माँ से होती है,
पीछे से कुछ दबे- दबे शब्दो मे पिता जी भी कुछ कहते है, सवाल करते है या सलाह देते है,
जब कुछ नही होता कहने को तो खांसने की हल्की आवाज़ सुनना मौजूदगी दर्ज करवाने के लिए काफी होती है,
पिता की आस्थिर होती तब्यत का हाल भी माँ से पूछते है और दवाइयों की सलाह, परहेज इत्यादि सब माँ के द्वारा पिता तक पहुचाते।
जैसे बचपन मे चोट लगने पे माँ से लिपट कर रोते थे, वैसा ही युवा अवस्था में लगे ठोकरों के करन अपने पिता से लिपट कर रोना चाहते है लड़को और अपने पिता के चिंताए आपस मे साझा करना चाहते हैं,
पर ऐसा हो नही सकता है, पिता और पुत्र सुरुवात से ही एक दुरी में रहते है, दूरी अदव की लिहाज़ की संस्कार की,
हर बेटे का मन करता है, इन दूरियों को लंगते हुए जाए और अपने पिता को कहे
I love you 😒😒
वासीम

❤
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Delete😍
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DeleteNyc quote
ReplyDeleteI love you
Thank u ❤
Deletedil chhu diye bhai ❤️❤️❤️❤️
ReplyDelete😊🙃
DeleteWow
ReplyDeleteAwesome Wasim sir
ReplyDeleteHeart touching bro🥺❤️
ReplyDeleteLove you wasim
ReplyDelete🙄🤔
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